रेत ठेकेदार एसोसिएट कॉमर्स का नया कारनामा - 'पासान' की टीपी पर 'चंगेरी' से रेत लोडिंग
एसोसिएट कॉमर्स टेंडर अनुबंध एवं शर्तों का कर रहा खुला उल्लंघन - कार्यवाही की जगह जिम्मेदारों का मिल रहा खुला संरक्षण
शिकायत व जानकारी देने के बाद भी खनिज विभाग की कार्यवाही शून्य - राजस्व लूट की विभाग व जिम्मेदारो ने दिया खुली छूट
इंट्रो -नियमों की अर्थी पर ठेकेदार एसोसिएट कॉमर्स का साम्राज्य अनुबंध की शर्तों को कुचल रहा एसोसिएट कॉमर्स, कब जागेगा खनिज निगम व जिम्मेदार अधिकारी....?मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के सख्त अनुबंध और ब्लैकलिस्ट करने की धमकियाँ अनूपपुर में बेअसर साबित हो रही हैं। जब वाहन की क्षमता से दोगुना पास जारी हो और निर्धारित रूट का सरेआम उल्लंघन हो तो इसे लापरवाही नहीं बल्कि राजस्व लूट की खुली छूट कहना ज्यादा मुनासिब होगा। चंगेरी खदान से हो रही यह अवैध निकासी चीख-चीख कर बता रही है कि जिले में सरकारी नौकरी नहीं बल्कि 'ठेकेदार की चाकरी' का दौर चल रहा है।
प्रकाश सिंह परिहार की कलम से
अनूपपुर। रेत ठेके के नाम पर एसोसिएट कॉमर्स द्वारा जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल खेला जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों को भी जानकारी होने के बाद भी कार्यवाही से कोसों दूर नजर आ रहे हैं हाल ही में सामने आए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों ने रेत ठेकेदारों और खनिज विभाग की मिलीभगत की पोल खोल दी है। ताजा मामले में वाहन क्रमांक MP65ZC2010 को ई-टीपी (e-TP) के सहारे एक खदान का माल दूसरे खदान के नाम पर धोया जा रहा है।
एसोसिएट कॉमर्स कि फिर पकड़ी गई बड़ी जालसाजी
एक पास, दो खदानें दस्तावेजों से पता चला है कि खनिज विभाग द्वारा जारी ई-टीपी क्रमांक 7613443236 तहसील अनूपपुर की 'पासन' खदान के लिए जारी की गई थी। लेकिन आश्चर्य कि बात यह है कि हाथ से बने गुलाबी कलर के कागज पर बना चालान क्रमांक 669 पर लोडिंग पॉइंट 'चंगेरी' (कोतमा) अंकित है। यह स्पष्ट करता है कि ठेकेदार एक खदान के वैध पास का उपयोग दूसरी खदान से अवैध तरीके से रेत निकालने के लिए कर रहा है, जो सीधे तौर पर रॉयल्टी की चोरी है।
मात्रा और लोडिंग में बड़ा अंतर
पोर्टल बनाम चालान मे साफ तौर पर ई-टीपी में रेत की मात्रा 29.00 घन मीटर दर्ज है जबकि वाहन की आरटीओ क्षमता 15.25 घन मीटर है। वहीं मौके पर जारी गुलाबी पर्ची में 1000 फिट लिखकर नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। साथ ही पासान से लोडिंग दिखाकर चंगेरी में वाहन की मौजूदगी यह सिद्ध करती है कि निर्धारित रूट का पालन केवल कागजों तक सीमित है।इस पूरे मामले में KSC INFRA और एसोसिएट कॉमर्स की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दिन रात इसी तरह दर्जनों ट्रक बिना वैध दस्तावेजों के खनिज संपदा की लूट कर रहे हैं।
अनुबंध की शर्तो का खुला उल्लंघन
मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम और ठेकेदार के बीच हुए टेंडर अनुबंध में कुछ ऐसी शर्तें होती हैं जिनका उल्लंघन होने पर ठेका रद्द करने की प्रक्रिया भी है लेकिन ठेकेदार बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है या वित्तीय अनियमितता (जैसे फर्जी ई-टीपी) में संलिप्त पाया जाता है तो निगम को उसका अनुबंध रद्द करने का अधिकार है लेकिन विभागीय चुप्पी ने ठेकेदार एसोसिएट कॉमर्स को ऑल इज वेल के तर्ज पर खुली छूट दे दी है साथ ही अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर ठेकेदार द्वारा जमा की गई लाखों की सुरक्षा राशि (FD/Bank Guarantee) को राजसात (जब्त) किया जाने का भी प्रावधान है उसी के साथ गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में ठेकेदार और उसकी फर्म को भविष्य में किसी भी सरकारी टेंडर की प्रक्रिया से बाहर करने के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए!
मामला दर्ज करने का भी प्रावधान
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ठेकेदार का यह कृत्य केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक दंडनीय अपराध है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी पोर्टल को चकमा देकर गलत टीपी पर रेत का परिवहन करना धारा 318(4) के तहत जालसाजी और धारा 303(2) के तहत खनिज चोरी का स्पष्ट मामला बनता है। यदि पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करे तो ठेकेदार और उसके सहयोगियों पर मामला दर्ज होना तय है।






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