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Thursday, February 5, 2026

तो क्या हवा में बन रहा नगर परिषद बनगवा का भवन...? ड्राइंग-डिजाइन का अता-पता नहीं, CMO और उपयंत्री की पेशी तय



नगवां नगर परिषद में नियमों की 'नींव' गायब- बिना ड्राइंग-डिजाइन शुरू किया दफ्तर का निर्माण, CMO और इंजीनियर भोपाल तलब


तो क्या हवा में बन रहा नगर परिषद बनगवा का भवन...? ड्राइंग-डिजाइन का अता-पता नहीं, CMO और उपयंत्री की पेशी तय



इंट्रो-क्या बिना नक्शे और डिजाइन के भी सरकारी इमारतें बन सकती हैं? अनूपपुर की बनगवां नगर परिषद में ऐसा ही कारनामा सामने आया है। यहाँ अधिकारियों ने विभागीय प्रक्रियाओं को ठेंगा दिखाते हुए कार्यालय भवन की नींव तो भर दी, लेकिन नक्शा पास कराना भूल गए। इस 'अंधेरगर्दी' पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों को 12 फरवरी को समस्त दस्तावेजों के साथ पेश होने का फरमान सुनाया है!

प्रकाश सिंह परिहार की कलम से

अनूपपुर | नियमों को ताक पर रखकर सरकारी बजट को खपाने का एक बड़ा मामला अनूपपुर जिले की नगर परिषद बनगवां (राजनगर) में सामने आया है। यहाँ नगर परिषद कार्यालय के नए भवन का निर्माण बिना किसी सक्षम स्वीकृति और ड्राइंग-डिजाइन के ही शुरू कर दिया गया। इस गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक अनियमितता पर कड़ा रुख अपनाते हुए संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास (भोपाल) ने परिषद के दो बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए भोपाल मुख्यालय तलब किया है।


शिकायत के बाद खुली पोल

दरअसल शहडोल संभाग के संयुक्त संचालक की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि परिषद कार्यालय के निर्माण में तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। बिना ले-आउट फाइनल किए और बिना ड्राइंग-डिजाइन के अनुमोदन के ही ठेकेदार से काम शुरू करवा दिया गया। इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर की गई थी, जिसके बाद भोपाल से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


इन पर गिर सकती है गाज

उप संचालक भविष्य खोबरागड़े द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इन दो जिम्मेदारों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा जिसमे राममिलन तिवारी प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO)मानशाह कुंजाम उपयंत्री (Sub-Engineer)

12 फरवरी को 'आयुक्त' की कोर्ट में पेशीविभागीय आदेश के तहत दोनों अधिकारियों को 12 फरवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे आयुक्त के समक्ष पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण से जुड़े समस्त मूल दस्तावेज साथ लेकर आएं। यदि अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो उनके विरुद्ध निलंबन जैसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।

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