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Saturday, January 31, 2026

बिजुरी स्टेशन बना भ्रष्टाचार का पोस्टर रेलवे मौन-स्वच्छता और विकास दोनों की हत्या कर रहा रेलवे सिस्टम



बिजुरी स्टेशन बना भ्रष्टाचार का पोस्टर रेलवे मौन-स्वच्छता और विकास दोनों की हत्या कर रहा रेलवे सिस्टम



जीएम के आते ही चमकता बिजुरी स्टेशन, जाते ही उजागर होती हकीकत



अमृत भारत योजना से लेकर स्वच्छता तक-भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रेलवे स्टेशन



इंट्रो -बिलासपुर रेल जोन के जोनल महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के निरीक्षण के दौरान बिजुरी रेलवे स्टेशन अचानक स्वच्छता की मिसाल बन गया। प्लेटफॉर्म पर सजे डस्टबिन, चमकता परिसर और अनुशासन का प्रदर्शन सब कुछ मानो किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा हो। लेकिन जैसे ही सीनियर डीसीएम और जीएम का काफिला स्टेशन से रवाना हुआ वैसे ही स्वच्छता की यह तस्वीर भी गायब हो गई। डस्टबिन हटे सफाई रुकी और उजागर हो गई रेलवे प्रशासन की वह सच्चाई, जहां स्वच्छता व्यवस्था केवल निरीक्षण तक सीमित है। अब सवाल यह है कि क्या जोनल जीएम तरुण प्रकाश की आंखों के सामने सब कुछ दिखाया गया या फिर उनके नाम पर केवल एक औपचारिक नाटक रचा गया?



अनूपपुर/बिजुरी(प्रकाश सिंह परिहार)।बिलासपुर रेल जोन के अंतर्गत आने वाला बिजुरी रेलवे स्टेशन इन दिनों स्वच्छता और अमृत भारत योजना-दोनों ही मामलों में गंभीर सवालों के घेरे में है। रेलवे जीएम एवं जोन के उच्च अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जहां स्टेशन परिसर में स्वच्छता और डस्टबिन की भरमार दिखाई दी वहीं अधिकारियों के जाते ही यह व्यवस्था अचानक गायब हो गई जिससे पूरे सिस्टम की पोल खुल गई।




स्वच्छता बनी दिखावा, निरीक्षण तक सीमित

निरीक्षण के समय स्टेशन पर नीले-हरे डस्टबिन, साफ प्लेटफॉर्म और चुस्त व्यवस्था दिखाई गई, लेकिन वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के अनुसार उच्च अधिकारियों के रवाना होते ही डस्टबिन स्टेशन से गोल हो गए। इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या बिजुरी स्टेशन पर स्वच्छता केवल अधिकारियों के स्वागत और फोटो सेशन तक ही सीमित है?


अमृत भारत योजना भी चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

स्वच्छता के साथ-साथ अमृत भारत योजना के तहत बिजुरी स्टेशन में चल रहे 6.29 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गए हैं।योजना के तहत तय समय-सीमा के बावजूद अब तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है वहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


घटिया मटेरियल, अधूरा काम

स्थानीय नागरिको का आरोप है कि अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन परिसर में गुणवत्ता विहीन मटेरियल का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका भी जताई जा रही है।

ठेकेदार को किसने दी खुली छूट...?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ठेकेदार को इतनी खुली छूट किसने दी?करोड़ों रुपये के कार्य में हो रही अनियमितताओं पर रेलवे प्रशासन क्यों मौन है?आरोप है कि रेलवे प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अमृत भारत योजना भ्रष्टाचार का जनक बनती जा रही है जहां कागजों में विकास और जमीनी हकीकत में लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।


जोनल प्रशासन पर उठे सवाल- रेल मंत्रालय की छवि हो रही धूमिल

अब यह मामला स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक सवाल खड़े कर रहा है।जनता पूछ रही है क्या रेलवे जीएम के निरीक्षण तक ही स्टेशन का विकास और स्वच्छता सीमित है?क्या अमृत भारत योजना के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट हो रही है?क्या वायरल वीडियो और जनआक्रोश के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?


जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि अमृत भारत योजना के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और स्वच्छता व विकास कार्यों को स्थायी व पारदर्शी बनाया जाए।अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन बिलासपुर जोन के उच्च अधिकारी और रेल मंत्री इस पूरे मामले में कब तक चुप्पी साधे रहते हैं या फिर भ्रष्टाचार के इन आरोपों पर ठोस कार्रवाई करते हैं।


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