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Sunday, June 20, 2021

कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से भुगतान पाने के फेर में लगाया गया फर्जी बिल....



सांसद प्रतिनिधि ग्राम पंचायत बुरहानपुर में कर रहा भ्रष्टाचार

कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से भुगतान पाने के फेर में लगाया गया फर्जी बिल....

इंट्रो:-जानकारी देने से कतराते हैं अधिकारी,ग्रेवल रोड के साथ लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए की राशि का करही नाला बंधवा पहुंच मार्ग पर बनने वाले पुल की बिना नीव खुदे ही शेष शासकीय राशि लगभग 5 लाख 97 हजार रुपए सत्यम।

कोतमा :- एक ओर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ग्राम पंचायत के अंतिम छोर तक विकास कार्य कराने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं,वही जिले से लेकर ब्लॉक स्तर में पदस्थ अधिकारी सहित ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिव ग्राम पंचायतो में विकास कार्यों के शासकीय पैसे पर भ्रष्टाचार की डुबकी लगा रहे हैं।विकास कार्य के नाम पर ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की नीव रखी जा रही है।भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच अपनी अपनी जेब भरने के चक्कर में शासकीय पैसे का बंदरबांट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं भ्रष्टाचारियों को आज जिम्मेदार अधिकारी का डर भय नजर नहीं आता कारण मात्र ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार पर सभी जिम्मेदार अधिकारी कमीशन के चक्कर मे भ्रष्टाचार की बहती गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।



ग्राम पंचायत बुरहानपुर में सचिव सरपंच की जुगल जोड़ी फैला रही भ्रष्टाचार 

कोतमा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बुरहानपुर में इन दिनों सचिव सोहन सिंह व सरपंच मिलकर विकास कार्य के नाम पर शासकीय पैसे की हेराफेरी कर रहे हैं। वर्ष 2017 में स्वीकृत सुदूर ग्राम संपर्क सड़क व खेत सड़क उपयोग ग्रेवल रोड महेश्वर प्रजापति के बाड़ी से करही नाला बंधवा तक लगभग 12 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई। जिसमे लगभग 4 लाख 21 हजार रुपए मजदूरी भुगतान पूर्व में हुआ फिर शिकायत के कुछ दिनों बाद तक काम बंद पड़ा था कुछ दिनों उपरांत भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच ने अपनी अपनी जेब भरने के चक्कर में पुनः कार्य शुरू किया,ग्रेवल रोड के नाम पर गुणवत्ताहीन काम परोसे गए। उक्त ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में पंजीरी की तरह गिट्टी और मुरूम का छिड़काव किया गया जब इतने में भी भ्रष्टाचारियों का पेट ना भरा तो ग्रेवल रोड के साथ बनने वाला लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए की राशि का करही नाला बंधवा पहुंच मार्ग पर बनने वाले पुल की बिना नीव खुदे ही शेष शासकीय राशि लगभग 5 लाख 97 हजार रुपए सत्यम कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से भुगतान पाने के फेर में फर्जी बिल लगाया गया है।इसके पूर्व भी सत्यम कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम पर लगभग 2 लाख 30 हजार रुपए भुगतान निर्माण सामग्री खरीदी के नाम पर फर्जी तरीके से बिल लगाकर भुगतान आनन फानन में सचिव सरपंच ने भुगतान करवा दिया।


कोतमा जनपद के सीईओ एसडीओ इंजीनियर बने धृतराष्ट्र ...

कोतमा जनपद के भीष्म पितामह की उपाधि से जाने वाले एसडीओ जी के मिश्रा कई वर्षो से एसडीओ के पद पर कोतमा जनपद में अंगद के पैर की तरह जमे हुए बैठे हैं।भ्रष्टाचारी सचिव सरपंच इंजीनियर पर अपनी कृपा दृष्टि व आशीर्वाद बना रखे हैं जिससे ग्राम पंचायत बुरहानपुर के सचिव सोहन सिंह सरपंच और उपयंत्री रवि डोंगरवार भ्रष्टाचार की नई नई इबारत लिख रहे हैं।लाखो के निर्माण कार्य की नीव तक नहीं खोदी जाती और आफिस में बैठे बैठे निरीक्षण कर कमीशन के चक्कर में कागजों में मूल्यांकन सत्यापित कर भुगतान करवा देने में अपनी भूमिका निभाते हैं।करही नाला बंधवा पहुंच मार्ग पर बनने वाले पुल निर्माण एवम 200 मीटर ग्रेवल रोड बिना बने ही साहब ने आनन फानन में कार्य मूल्यांकन पूर्ण होने का प्रमाण पत्र दे कर फर्जी बिल भुगतान में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।जब जनपद के एसडीओ इंजीनियर ही भ्रष्टाचार के खेल में लिप्त हो तो भला ग्राम पंचायत के सचिव सोहन सिंह सरपंच व रोजगार सहायक पर कौन नकेल कसेगा।वही जनपद कोतमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेंद्र त्रिपाठी भी अपने भ्रष्टाचारी अधिनस्थ कर्मचारी पर नकेल कसने के बजाए अपना आशीर्वाद दे रखे हैं।जिससे भ्रष्टाचारी बुरहानपुर में विकास कार्यों पर पलीता लगा कर भ्रष्टाचार के नए नए अध्याय लिख रहे हैं।


सांसद प्रतिनिधि बना मटेरियल सप्लायर....

ग्राम पंचायत बुरहानपुर निवासी कृष्ण कुमार सोनी जो अपने आप को सांसद प्रतिनिधि बताते फिरते हैं स्वयं समाज को आयना दिखाने वाले अपने ही ग्राम पंचायत बुरहानपुर में ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में सत्यम कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर के नाम से लगभग 5 लाख 97 हजार रुपए फर्जी बिल लगाकर शासकीय पैसे निकलवाने की फिराक में आंख टकटकी लगा कर बैठा है।पूर्व में भी लगभग 2 लाख 30 हजार रुपए इसी फर्म के नाम पर बिल लगाकर भुगतान सचिव सरपंच ने मिलकर करा दिया,वही सांसद प्रतिनिधि महोदय कृष्ण कुमार सोनी एक ओर ग्राम पंचायत में मजदूर बनकर मजदूरी भुगतान भी फर्जी तरीके से ले रहे हैं।न फर्म के नाम की दुकान का अता पता फिर भी सत्ता का धौंस पहुंच पकड़ के आगे ग्राम पंचायत में लाखों-करोड़ों के निर्माण सामग्री बेचने वाले सप्लायर भी बन जाते हैं और मजदूर भी।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जान कर भी सत्ता शिनघासन के सामने बैठे मठाधीश के सामने धृत राष्ट्र बनकर भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करने के बजाय उन्हें मौन स्वीकृति प्रदान कर देते हैं।

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