महा-घोटाला- अनूपपुर में 'कागजी' खदान से निकल रही असली रेत, खनिज विभाग ने साधी चुप्पी
नियमों की अर्थी पर एसोसिएट कॉमर्स का साम्राज्य-पासान की टीपी, चंगेरी से लोडिंगराजस्व लूट का अनूपपुर मॉडल
इंट्रो -अनूपपुर की नदियों का सीना चीर रहा 'एसोसिएट कॉमर्स'! माइनिंग पोर्टल को ठेंगा दिखाकर जारी है फर्जीवाड़े का खेल। क्षमता से दोगुना लोड और फर्जी ई-टीपी का यह गोरखधंधा साबित करता है कि जिले में खनिज माफिया और अधिकारियों का गठबंधन अटूट है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और विभाग 'धृतराष्ट्र' की भूमिका में आ जाए, तो राजस्व की लूट नहीं, डकैती होती है। देखिए कैसे कागजों की बाजीगरी से लूटी जा रही है अनूपपुर की संपदा!
अनूपपुर। मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के नियम, एनजीटी (NGT) की गाइडलाइंस और कलेक्टर के सख्त निर्देश... अनूपपुर जिले में ये सब केवल रद्दी के टुकड़े साबित हो रहे हैं। रेत ठेकेदार 'एसोसिएट कॉमर्स' ने जिले में लूट का ऐसा तंत्र खड़ा कर लिया है जहाँ सरकारी पोर्टल और जमीनी हकीकत के बीच कोसों का फासला है। पहले कदमसरा और चंगेरी अब ताज़ा मामला 'पासान' और 'चंगेरी' खदान के बीच चल रहे टीपी के फर्जीवाड़े का है जिसने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
डिजिटल साक्ष्यों ने खोली पोल- एक पास, दो खदानें और रॉयल्टी की डकैती
दस्तावेजों और मौके से मिले साक्ष्यों ने 'एसोसिएट कॉमर्स' के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। खेल इस तरह खेला जा रहा है कि खनिज विभाग ने ई-टीपी (क्रमांक 7613443236) तहसील अनूपपुर की 'पासन' खदान के लिए जारी की।जमीनी हकीकत मे उसी वाहन (MP65ZC2010) को रेत 'चंगेरी' (कोतमा) से लोड किया गया। मौके पर ठेकेदार द्वारा थमाया गया गुलाबी चालान क्रमांक 669 चीख-चीख कर गवाही दे रहा है कि लोडिंग पॉइंट 'चंगेरी' है।सवाल यह है कि जब टीपी पासान की है, तो वाहन चंगेरी में क्या कर रहा है? यह सीधे तौर पर रॉयल्टी की चोरी और शासन को करोड़ों का चूना लगाने की साजिश है।
क्षमता से दोगुना लोड, माइनिंग एक्ट की उड़ती धज्जियां
ठेकेदार की दबंगई का आलम यह है कि पोर्टल पर रेत की मात्रा 29.00 घन मीटर दर्ज की जा रही है, जबकि वाहन की आरटीओ क्षमता मात्र 15.25 घन मीटर है। वहीं, मौके पर जारी होने वाली अवैध 'गुलाबी पर्ची' में 1000 फिट लिखकर कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है। यह ओवरलोडिंग न केवल सड़कों को बर्बाद कर रही है, बल्कि पर्यावरण नियमों (NGT) को भी ठेंगा दिखा रही है।
कलेक्टर साहब...! जीवन दायनी नदियों पर ठेकेदार का जारी तांडव
जिले के जिम्मेदार अधिकारी और खनिज विभाग शिकायत के बाद भी 'कुंभकर्णी नींद' में सो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रक बिना वैध दस्तावेजों के खनिज संपदा की लूट कर रहे हैं। ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं? अनुबंध की शर्तों के अनुसार, वित्तीय अनियमितता और फर्जी ई-टीपी मिलने पर ठेका रद्द करने और सुरक्षा राशि राजसात करने का प्रावधान है। FIR से परहेज क्यों? सरकारी पोर्टल को चकमा देना और फर्जी दस्तावेजों पर परिवहन करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (जालसाजी) और धारा 303(2) (खनिज चोरी) के तहत दंडनीय अपराध है।
विभागीय चुप्पी या मूक सहमति...?
KSC INFRA और एसोसिएट कॉमर्स की इस जुगलबंदी पर माइनिंग विभाग की 'शून्य' कार्यवाही कई सवाल खड़े करती है। क्या खनिज निगम और जिम्मेदार अधिकारियों को इस लूट का हिस्सा मिल रहा है अनूपपुर में रेत का खेल अब केवल व्यापार नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का नरसंहार बन चुका है। यदि कलेक्टर और खनिज विभाग अब भी नहीं जागे तो वह दिन दूर नहीं जब जिले की नदियाँ केवल इतिहास के पन्नों में रह जाएंगी और राजस्व का खजाना ठेकेदारों की तिजोरियों में।



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