पुलिस पर हमला कर पिस्टल लूटने वाले शातिर बदमाश गिरफ्तार-जंगल में घेराबंदी कर दबोचे गए तीन आरोपी
SP मोती उर रहमान ने किया खुलासा, लूटी गई सर्विस पिस्टल और कारतूस बरामद
इंट्रो :- अनूपपुर पुलिस ने खाकी पर हाथ डालने वाले और सरकारी हथियार लूटने वाले दुस्साहसी अपराधियों को महज चार दिनों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। बकरी चोरी की सूचना पर घेराबंदी करने गए पुलिस दल पर प्राणघातक हमला कर सर्विस पिस्टल लूटने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने किरार के जंगलों से गिरफ्तार किया है। एसपी मोती उर रहमान के कुशल निर्देशन में गठित विशेष टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मुखबिर तंत्र के जरिए इन बदमाशों को दबोचने में सफलता हासिल की। आरोपियों के पास से लूटी गई पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है कि कानून के रक्षकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अनूपपुर(प्रकाश सिंह परिहार ) :-जिला मुख्यालय स्थित चिकित्सालय चौकी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को चौकी सरई क्षेत्र में तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मोटरसाइकिल से बकरी चोरी कर भागने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मंगल दुबे और प्रधान आरक्षक राम प्रसाद मरावी मौके पर पहुँचे थे। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर ही जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसका बदला लेते हुए पुलिस ने अब तीनों आरोपियों को धर दबोचा है।
बकरी चोरी की सूचना पर घेराबंदी और खूनी संघर्ष
घटना वाले दिन जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की, आरोपियों ने खुद को घिरता देख चोरी की बकरी को बाइक से फेंक दिया। जब उपनिरीक्षक मंगल दुबे ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, तो एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार कर दिया। अन्य आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया, जिससे प्रधान आरक्षक भी घायल हो गए। इसी आपाधापी और खूनी संघर्ष का फायदा उठाकर आरोपी चौकी प्रभारी की सर्विस पिस्टल और कारतूस छीनकर मौके से फरार हो गए थे।
किरार के जंगलों में दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी
इस गंभीर मामले को देखते हुए एसपी मोती उर रहमान ने तत्काल एएसपी जगन्नाथ मरकाम और एसडीओपी नवीन तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति और सतत खोजबीन जारी रखी, जिसके परिणामस्वरूप 25 अप्रैल 2026 को किरार के घने जंगलों में आरोपियों की लोकेशन मिली। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में त्वॉय खान (29), हसन खान (24) और एक नाबालिग शामिल है, जो मैहर जिले के ग्राम भदनपुर के निवासी हैं।
लूटी गई पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई सरकारी सर्विस पिस्टल और सभी 10 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई में साइबर सेल सहित जिले के विभिन्न थानों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने बताया कि आरोपियों से फिलहाल विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी पता लगाया जा सके। इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने वाली टीम की चहुंओर सराहना हो रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर पुलिस के इकबाल का सवाल था।
विभिन्न थानों की संयुक्त टीम का सराहनीय प्रयास
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में आईजी एन. चैत्र और डीआईजी सविता सोहाने के मार्गदर्शन में जिले के भारी पुलिस बल का सहयोग रहा। इसमें थाना करनपठार, चौकी सरई, बिजुरी, रामनगर फुनगा, वेंकटनगर, देवहरा, कोतवाली और भालूमाड़ा सहित यातायात और साइबर सेल की सक्रिय भागीदारी रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के सभी सदस्यों के समर्पण और साहस की प्रशंसा की है। वर्तमान में तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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