विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण- राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल
‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत कोतमा में विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिताओं का हुआ भव्य आयोजन
छात्र जीत धुर्वे की कलाकृति और परिधि पाण्डेय के ओजस्वी भाषण की राज्यमंत्री ने मुक्तकंठ से की सराहना
इंट्रो :-मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कोतमा में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण की अलख जगाई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प और निष्ठा से ही विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 का वास्तविक शिल्पकार बताते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही अपनी ऊर्जा, ज्ञान और अनुशासन से देश का मान बढ़ाएगी। इस दौरान शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कोतमा में आयोजित चित्रकला, निबंध, रंगोली और भाषण प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्वितीय रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
अनूपपुर(प्रकाश सिंह परिहार)। प्रदेशव्यापी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोतमा में विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने विभिन्न विधाओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के समन्वय से विद्यार्थियों को विकसित भारत की संकल्पना से जोड़ने का यह सार्थक अभियान है। राज्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रत्येक नागरिक जब अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और समर्पण से करेगा, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। इस दौरान संपूर्ण विद्यालय परिसर देशभक्ति, नवाचार और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
140 करोड़ देशवासियों की सहभागिता और समर्पण से साकार होगा विकसित भारत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सक्रिय सहभागिता और निष्ठा के बल पर ही विकसित भारत का सपना धरातल पर उतरेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के साथ करना चाहिए। देश आज शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगा रहा है। चंद्रयान जैसे सफल अंतरिक्ष अभियानों ने संपूर्ण विश्व में भारत की वैज्ञानिक मेधा और सामर्थ्य का परचम लहराया है। वहीं किसानों की खुशहाली और महिलाओं के स्वावलंबन के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। जब समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनेगा।
जीत धुर्वे की कलाकृति और परिधि पाण्डेय के ओजस्वी भाषण ने मोहा मन
प्रतियोगिताओं के अवलोकन के दौरान राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सोच की मुक्तकंठ से सराहना की। चित्रकला प्रतियोगिता में छात्र जीत धुर्वे द्वारा 'विकसित भारत' की अवधारणा पर उकेरे गए आकर्षक एवं संदेशपरक चित्र को देखकर मंत्री ने उसकी विशेष प्रशंसा की। वहीं भाषण प्रतियोगिता में छात्रा परिधि पाण्डेय ने राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के विजन पर ओजस्वी वक्तव्य देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यमंत्री ने दोनों मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी रचनात्मक अभिव्यक्तियां बच्चों की मौलिक सोच को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयी स्तर पर मिलने वाला यह मंच विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को सुदृढ़ कर उन्हें भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
रंगोली, निबंध और चित्रों में झलकी वर्ष 2047 के स्वर्णिम भारत की परिकल्पना
विकासखण्ड स्तरीय इस प्रतिस्पर्धा में कोतमा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक कल्पनाशीलता से वर्ष 2047 के स्वर्णिम भारत की सजीव तस्वीर प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास, सुगम परिवहन, आधुनिक डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं को सुंदर विधाओं में ढाला। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और वैज्ञानिक प्रगति जैसे गंभीर विषयों को निबंध और भाषण के माध्यम से तार्किक रूप से उठाया। विद्यार्थियों की इस रचनात्मकता ने यह साबित कर दिया कि वे देश की प्राथमिकताओं और समसामयिक विषयों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं। राज्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित एक-एक कृति का आत्मीयता से जायजा लिया और विद्यार्थियों के इस बौद्धिक स्तर की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
लक्ष्य तय कर अनुशासन और लगन से आगे बढ़ें युवा, प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र देते हुए कहा कि वे अभी से अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और एकाग्रता से जुट जाएं। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ समसामयिक घटनाओं व सामान्य ज्ञान पर पकड़ मजबूत रखने पर विशेष बल दिया, जिसका विद्यार्थियों ने प्रश्नों का त्वरित उत्तर देकर प्रमाण दिया। उन्होंने आह्वान किया कि युवा अपनी प्रतिभा, कौशल और परिश्रम का उपयोग निजी प्रगति के साथ-साथ राष्ट्रहित में करें। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टी.आर. नाग, नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ, उपाध्यक्ष वैशाली ताम्रकार और बीईओ आर.के. मिश्रा सहित प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार और सहभागी छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

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