कोतमा हादसा अपडेट -लापरवाही ने ली तीन जान, होटल और जमीन मालिक पर FIR- मृतकों को 9-9 लाख की राहत
मौत की गहरी खुदाई- होटल बना कब्रगाह, 3 की मौत, गुनहगारों पर FIR की गाज
इंट्रो -विकास की अंधी दौड़ और चंद रुपयों के लालच ने कोतमा में तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। बगल की जमीन पर हो रही बेतरतीब खुदाई होटल की इमारत के लिए काल बन गई और देखते ही देखते हंसता-खेलता इलाका मलबे के ढेर और चीखों में तब्दील हो गया। पुलिस ने इस 'मानवीय संवेदनहीनता' पर कड़ा प्रहार करते हुए होटल और जमीन मालिक को कटघरे में खड़ा कर FIR दर्ज कर ली है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है जिसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अनूपपुर/कोतमा ( प्रकाश सिंह परिहार)। अनूपपुर जिले के कोतमा में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। एक निर्माणाधीन मकान के लिए की जा रही खुदाई ने बगल में स्थित होटल की नींव हिला दी, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। इस मलबे में दबने से अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होटल और जमीन मालिक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लापरवाही ने ली जान- गहरी खुदाई बनी काल
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी मोतीउर्र रहमान ने बताया कि होटल के बगल वाली जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां बेसमेंट के लिए किए जा रहे गहरे गड्ढे की वजह से होटल की इमारत की नींव कमजोर हो गई और पलक झपकते ही बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पुलिस ने इसे सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी ने दोटूक कहा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन 95% काम पूरा, जांच जारी
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मलबे के बीच चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने पुष्टि की कि मलबे से कुल 6 लोगों को निकाला गया (2 महिलाएं, 4 पुरुष)। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। घायलों में से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यद्यपि 95% मलबा हटाया जा चुका है लेकिन जब तक आखिरी पत्थर नहीं हट जाता रेस्क्यू टीमें मौके पर डटी रहेंगी।
पीड़ितों को आर्थिक सहायता का मरहम
शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजे की घोषणा की है मृतकों के परिजन ₹9 लाख (प्रति व्यक्ति) घायल व्यक्ति ₹2.5 लाख (प्रति व्यक्ति)
दस्तावेजों की होगी जांच
हादसे के बाद अब बिल्डिंग निर्माण की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि रेस्क्यू खत्म होते ही बिल्डिंग से जुड़े सभी रिकॉर्ड और नक्शों की जांच की जाएगी। यदि निर्माण में तकनीकी खामियां या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधितों पर अतिरिक्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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