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Thursday, September 24, 2026

18.46 लाख रुपये का हिसाब दबाए बैठे क्रीड़ा प्रभारी शेख खलील कुरैशी पद से हटाए गए



18.46 लाख रुपये का हिसाब दबाए बैठे क्रीड़ा प्रभारी शेख खलील कुरैशी पद से हटाए गए


कलेक्टर के सख्त अनुमोदन के बाद गिरी गाज, खेल प्रतियोगिताओं के अग्रिम धन में गड़बड़ी पर कड़ा एक्शन


वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की खुली अवहेलना पड़ी भारी, सहायक आयुक्त ने जारी किया हटाने का आदेश


इंट्रो :-जनजातीय कार्य विभाग में खेल प्रतियोगिताओं के नाम पर मिली अग्रिम राशि का वर्षों से हिसाब न देने का मामला आखिरकार भारी पड़ गया है।वर्ष 2021 से 2025 के बीच मिले 28.76 लाख में से 18 लाख से अधिक का कोई वाउचर आज तक कार्यालय में जमा नहीं किया गया।समाचार पत्रों द्वारा इस मामले में लगातार खबरें प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को जनता के सामने लाया गया था।

खबरों का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर महोदय के अनुमोदन के बाद विभाग ने मामले में बेहद सख्त कदम उठाया है।सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी कर खेल प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।इस कार्रवाई से विभाग में वर्षों से नियम-कायदों को नजरअंदाज कर वित्तीय लापरवाही बरतने वालों में हड़कंप मच गया है।


अनूपपुर(प्रकाश सिंह परिहार )। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत खेल आयोजनों के नाम पर सरकारी धन का समायोजन न कराने का बड़ा मामला अब अंजाम तक पहुंच गया है।विभागीय जांच में भारी वित्तीय अनियमितता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की बार-बार अवहेलना सामने आने के बाद यह एक्शन लिया गया है।कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) द्वारा जारी आदेश में माध्यमिक शिक्षक शेख खलील कुरैशी पर स्पष्ट आरोप दर्ज किए गए हैं।उन्हें 02 नवंबर 2020 को जिला क्रीड़ा प्रभारी का दायित्व सौंपा गया था, जिसका वे नियमानुसार निर्वहन नहीं कर सके।कलेक्टर के अनुमोदन के बाद सहायक आयुक्त सरिता नायक द्वारा उन्हें दायित्व से पृथक करने का आदेश विधिवत जारी कर दिया गया है।लगातार प्रकाशित खबरों के बाद हुई इस कार्रवाई को लेकर जिले के खेल प्रेमियों और आम नागरिकों में खासी चर्चा है।


 28.76 लाख में से सिर्फ 10.29 लाख के वाउचर दिए, 18.46 लाख का समायोजन अधूरा

आधिकारिक आदेश के अनुसार वर्ष 2021 से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु कुरैशी को खेल मद से अग्रिम राशि दी गई थी।उन्हें कुल 28 लाख 76 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि खेल आयोजनों के संचालन के लिए प्रदान की गई थी।जांच समिति की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि कुरैशी ने इसमें से केवल 10 लाख 29 हजार 533 रुपये के ही वाउचर जमा किए।शेष 18 लाख 46 हजार 467 रुपये की सरकारी राशि का आज दिनांक तक कोई भी वैध बिल या वाउचर प्रस्तुत नहीं किया गया।आदेश में साफ लिखा गया है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी इतनी बड़ी रकम का वाउचर न देना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।विभाग द्वारा 27 जनवरी 2024 और 05 मार्च 2025 को पत्र भेजकर बिल मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने हिसाब देना जरूरी नहीं समझा।


सूचना के अधिकार के तहत भी नहीं दी जानकारी, आदेशों की लगातार की अवहेलना

विभागीय आदेश के अनुसार जिले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं पर हुए खर्च के बिल-वाउचर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए थे।कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 657507 दिनांक 09 दिसंबर 2025 और 13 जनवरी 2026 को पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई थी।समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कुरैशी ने जानकारी नहीं दी, तो 10 फरवरी 2026 को निःशुल्क जानकारी देने का आदेश दिया गया।इसके बावजूद शेख खलील कुरैशी द्वारा आज दिनांक तक आरटीआई से जुड़ी कोई भी जानकारी कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई।आदेश में कड़े शब्दों में लिखा गया है कि कुरैशी का यह रवैया वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों और निर्देशों की निरंतर खुली अवहेलना है।शासकीय नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी चलाने के इस आचरण को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है।


जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद कलेक्टर का कड़ा रुख, तत्काल प्रभाव से छीना प्रभार

गंभीर शिकायतों के बाद 19 मई 2026 को आदेश क्रमांक 1025367 के जरिए पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए समिति बनाई गई थी।जांचकर्ता दल ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि अग्रिम राशि का समायोजन न कराकर भारी लापरवाही बरती गई है।पूरी जांच रिपोर्ट और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद जिला कलेक्टर महोदय द्वारा प्रभारी को हटाने का कड़ा अनुमोदन दिया गया।आदेश में दर्ज है कि खेल आयोजनों हेतु मिली अग्रिम राशि के वाउचर न देने व निर्देशों की अवहेलना के चलते यह कदम उठाया गया है।दायित्वों का सक्षमतापूर्वक निर्वहन न कर पाने के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलाई कालरी के शिक्षक कुरैशी को हटाया गया है।अब वे जिला क्रीड़ा प्रभारी जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर के किसी भी कार्य या वित्तीय अधिकार का संचालन नहीं कर सकेंगे।


हटाने के बाद अब अगली नजर- क्या होगी गबन राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई?

सहायक आयुक्त सरिता नायक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से जारी यह आदेश जिले के तमाम संबंधित अधिकारियों को भेजा जा चुका है।प्रशासनिक आदेश के बाद भले ही शेख खलील कुरैशी की कुर्सी छिन गई हो, लेकिन मामला यहीं शांत होता नहीं दिख रहा है।अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो 18 लाख 46 हजार रुपये सरकारी खजाने से गायब हैं, उसकी भरपाई कैसे और कब होगी।शिकायतकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिर्फ प्रभार से मुक्त करना काफी नहीं है, बल्कि राशि की सीधी वसूली होनी चाहिए।साथ ही शासकीय धन के दुरुपयोग और अभिलेख प्रस्तुत न करने के मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई भी तय की जानी चाहिए।बहरहाल, समाचार पत्रों द्वारा उठाई गई बेबाक आवाज के बाद हुई इस कार्रवाई से निष्पक्ष पत्रकारिता की जीत साफ दिखाई दे रही है।


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