कोयला खदान से मिट्टी की लूट- रेलवे प्लेटफॉर्म निर्माण में खपाया जा रहा था अवैध ओवरबर्डन
नगर परिषद की जेसीबी का हुआ इस्तेमाल, भाजपा पार्षदों ने मौके पर पकड़ा अवैध खेल
इंट्रो -जिले के अमलाई क्षेत्र में कोल इंडिया की सुरक्षा में सेंध लगाकर सरकारी संरक्षण में 'मिट्टी के खेल' का बड़ा खुलासा हुआ है। रेलवे स्टेशन पर बन रहे प्लेटफॉर्म निर्माण में चोरी-छिपे खदानों की ओवरबर्डन मिट्टी खपाई जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध उत्खनन में नगर परिषद बरगवां-अमलाई की सरकारी जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था। भाजपा पार्षदों के विरोध और कोल इंडिया के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अब यह मामला देवहरा पुलिस और खनिज विभाग की चौखट पर पहुँच गया है जिसमें स्थानीय रसूखदारों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अनूपपुर (प्रकाश सिंह परिहार) -जिले के अमलाई क्षेत्र में कोयला खदानों की सुरक्षा में सेंध लगाकर अवैध उत्खनन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कोल इंडिया की प्रतिबंधित खदानों से ओवरबर्डन (ऊपरी परत की मिट्टी) चोरी कर अमलाई रेलवे स्टेशन पर बन रहे नए प्लेटफॉर्म में डाली जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कार्य में नगर परिषद बरगवां-अमलाई की सरकारी जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा था।
लाखों के ठेके को भुनाने के लिए चोरी का सहारा
सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन में मिट्टी भराई का कार्य लगभग 8 से 10 लाख रुपये के ठेके पर दिया गया है। मुनाफे को बढ़ाने के चक्कर में ठेकेदार द्वारा खदानों से अवैध रूप से मिट्टी की निकासी की जा रही थी। पिछले दो दिनों से ट्रैक्टरों और मेटाडोर के माध्यम से यह खेल बेखौफ चल रहा था। स्थानीय भाजपा पार्षद पवन चीनी और उनके साथियों ने मौके पर पहुंचकर इस धांधली का भंडाफोड़ किया।
उपाध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप
मौके पर पकड़े गए जेसीबी चालक राशिद खान ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसे नगर परिषद उपाध्यक्ष राज तिवारी के निर्देश पर यहाँ भेजा गया था। चालक ने स्वीकार किया कि इस काम की परिषद के रिकॉर्ड में कोई वैध एंट्री नहीं है। पार्षदों का आरोप है कि सत्ता और पद का दुरुपयोग कर सरकारी मशीनरी को निजी लाभ और अवैध उत्खनन में झोंका जा रहा है। नगर परिषद मुख नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह बरगवां-अमलाई ने बताया कि नगर परिषद की मशीनें अवैध उत्खनन के लिए नहीं दी जातीं। मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, संभवतः इंजीनियर के माध्यम से मशीन गई होगी!
अधिकारियों की सक्रियता-जांच के घेरे में रेलवे ठेकेदार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल इंडिया (सुहागपुर एरिया) के सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह ने टीम के साथ मौके का मुआयना किया। सर्वे विभाग ने पुष्टि की है कि जिस जमीन से मिट्टी निकाली गई, वह कोल इंडिया के अधीन है। रेलवे के आईओडब्ल्यू प्रभारी अरविंद ने स्पष्ट किया कि यदि ठेकेदार अवैध मिट्टी के इस्तेमाल में संलिप्त पाया गया तो उसका ठेका निरस्त कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोल इंडिया के अधिकारी अब देवहरा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
खड़े हो रहे हैं सवाल
सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग- नगर परिषद की जेसीबी बिना किसी वर्क ऑर्डर के खदान में क्या कर रही थी? प्रतिबंधित कोल माइन्स क्षेत्र से ट्रैक्टर और मेटाडोर लगातार मिट्टी ढोते रहे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी? पिछले वर्ष भी इसी तरह का मामला सामने आया था, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?अब सबकी निगाहें देवहरा पुलिस और खनिज विभाग पर टिकी हैं। क्या रसूखदारों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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