अनूपपुर स्थानांतरण आदेश पर मप्र शासन ने हाईकोर्ट में दायर की कैविएट, बिना पक्ष सुने नहीं मिलेगा स्टे
अनूपपुर(प्रकाश सिंह परिहार)-मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा बीते 15 जून को अनूपपुर जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादला) आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के खिलाफ कुछ कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय हाईकोर्ट जबलपुर में याचिकाएं दायर किए जाने की संभावना को देखते हुए शासन ने पहले ही पुख्ता कानूनी मोर्चाबंदी कर ली है।
शासन को मिलेगा पक्ष रखने का मौका
नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मध्य प्रदेश शासन की ओर से हाईकोर्ट, जबलपुर में संबंधित प्रकरणों को लेकर कैविएट याचिकाएं प्रस्तुत की जा चुकी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई कर्मचारी स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध अदालत जाता है, तो माननीय न्यायालय शासन का पक्ष सुने बिना एकतरफा स्थगन आदेश (स्टे) जारी न करे।
कर्मचारियों के लिए आवश्यक निर्देश
प्रशासन द्वारा इस संबंध में संबंधित कर्मचारीगणों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं यदि कोई भी कर्मचारी स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में कोई याचिका या अपील प्रस्तुत करता है, तो उसे अपनी याचिका की एक अग्रिम प्रति अनिवार्य रूप से स्वप्निल गांगुली, उप महाधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर को उपलब्ध करानी होगी, ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया का विधिवत और समय पर पालन किया जा सके।

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