Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

Wednesday, September 23, 2026

ग्रामीण विकास कार्यों में जनसुविधा को दें प्राथमिकता, गुणवत्ता और समयबद्धता से न हो समझौता- कलेक्टर



ग्रामीण विकास कार्यों में जनसुविधा को दें प्राथमिकता, गुणवत्ता और समयबद्धता से न हो समझौता- कलेक्टर


 कलेक्टर रत्नाकर झा ने ली ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक, दिए कड़े निर्देश


 ‘एक बगिया मां के नाम’ से जुड़ेंगे स्व-सहायता समूह, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के आदेश


अनूपपुर(विजय जायसवाल)। कलेक्टर रत्नाकर झा ने कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करते समय जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और हर हाल में गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।बैठक में जिला पंचायत सीईओ  अर्चना कुमारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


गोवंश और पर्यावरण संरक्षण पर जोर 

कलेक्टर ने जिले की गौशालाओं की क्लस्टरवार समीक्षा करते हुए उन्हें सभी जरूरी सुविधाओं से लैस करने और आवारा गोवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए। ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने उन्नत प्रजाति के फलदार व छायादार पौधे लगाने और इनके रखरखाव का जिम्मा स्व-सहायता समूहों को सौंपने को कहा, जिससे महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो सके।


पंचायतों में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि पंचायतों में खेल मैदान, बड़े बगीचे, व्यवस्थित हाट-बाजार, सामुदायिक भवन, मंच और स्वच्छता परिसर प्राथमिकता से बनाए जाएं। सर्विस डिलीवरी प्वाइंट्स और सरकारी संस्थानों तक जाने वाले पहुंच मार्गों को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।


पीएम आवास और योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आवास प्लस एवं जनमन योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यों की गति बढ़ाने और सेक्टरवार बैठकें कर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। सभी पूर्ण व प्रगतिरत आवासों की समय पर जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।


 सड़क मरम्मत:-वर्षा ऋतु से क्षतिग्रस्त हुए ग्रामीण मार्गों, विशेषकर अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी व पंचायत भवनों तक जाने वाले रास्तों की प्राथमिकता पर मरम्मत हो।

 पेयजल व्यवस्था:- पंचायतों को हस्तांतरित नल-जल योजनाओं का सुचारु संचालन हो; बंद योजनाओं को तुरंत चालू कराया जाए।

स्वच्छता व कचरा प्रबंधन:- घर-घर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने के लिए पंचायतवार कचरा वाहनों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

जल संरक्षण:- तालाबों के जीर्णोद्धार के दौरान इनलेट (पानी की आवक) किसी भी हाल में अवरुद्ध न हो।

 हाट-बाजार व्यवस्था:- नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे लगने वाले हाट-बाजारों को सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त व सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।


No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages